Thursday, 10 May 2018

Yoga for Diabetes in Hindi

डायबिटीज के लिए योग

डायबिटीज की बीमारी को सुगर, मधुमेह भी कहा जाता है | यह आज कल काफी लोगो में पाई जाने वाली बीमारी है | डायबिटीज के मरीज को मीठा खाना मना होता है | मीठा खाने से डायबिटीज और ज्यादा बढ़ जाता है | इस बीमारी में मरीज का ब्लड शुगर बढ़ जाता है | डायबिटीज की वजह से शरीर के अन्य अंगो पर भी असर पड़ता है | डायबिटीज को योग से भी खत्म किया जा सकता है यहाँ में डायबिटीज के उपचार के लिए कुछ योगासन  बताने जा रहा हूँ -

गोमुखासन
सबसे पहले जमीन पर पालथी मारकर बैठे, फिर बांये पैर को मोड़कर दायीं जांघ पर से लाते हुए, बांये पैर की एड़ी को दायीं पैर के बाजू में रखें | बांये पैर का पंजा जमीन को छुता रहे | इससे दोनों घुटने लगभग एक दूसरे पर आ जायेंगे | शरीर को एकदम सीधा रखें | दाँयें पैर का तलवा बाँयीं जांघ के बीच के पास, उसे छुता रहे | अब बांये हाथ तथा दांये हाथ की उंगलियों को पीठ के पीछे ले जाकर पकड़ ले | शुरु में जब तक ऐसा करना सम्भव न हो , तब तक दोनों हाथों को एक दूसरे के पास ले जाकर छुने का कोशिश करें |धीरे धीरे कशिश करते रहने से दोनों हाथो को अच्छी तरह से पकड़ा जा सकता है | फिर दो मिनट का आराम करके इस आसन को दूसरे हाथ से करें| इस आसन को दो से चार बार तक करना चाहिए | यह आसन डायबिटीज में बहुत फायेदा बहुचाता है |

अर्द्ध-मत्स्येन्द्रासन
दोनों पैरो को फेलाकर बैठे, फिर बांये पैर को मोडकर दांये पैर के बाहर, जांघ से मिलाकर रखें तथा दाँयें पैर को मोड़कर, दाँयी एड़ी को अपने दोनों पेरो के बीच में मिलाकर रखे | अब बांये घुटने की टेक लगाते हुए, दांये कंधे को अड़ाकर, दाँयें हाथ से बाँयें पैर का अंगूठा पकड़े तथा बांये हाथ को पीठ के पीछे की ओर घुमाकर, दांयीं जांग को छुते रहे | सिर को बांयी और ठोड़ी तथा कंधे की सीध में तथा छाती को तना हुआ सीधा रखना चाहिए |

सर्वागासन
इस आसन में पीठ के बल फर्स पर एकदम सीधे लेटकर छत की ओर देखें | दोनों हथेलियाँ जमीन पर और शरीर के पास रहनी चाहिए | एड़ियों और पेरो के अंगूठो को सटा लें | अब साँस लेते हुए दोनों पेरो को एक साथ उपर उठाये | जब तक पैर ऊपर को उठाये जब तक वो सीधे ना हो जाये | तब तक साँस लेने की क्रिया भी पूरी हो जानी चाहिए | अब साँस को छोड़ना और दोनों पेरो को एक साथ आकाश की ओर ऊपर उठाना शुरू करें | साँस छोड़ने की क्रिया समाप्त होने तक यह क्रिया भी पूरी हो जनि चाहिए | पेरो को उपर उठाते समय अपनी दोनों हथेलियों को कूल्हों के नीचे लाकर, शरीर को ऊपर उठाने में दोनों हाथो का सहारा देना चाहिए तथा उन्हें शरीर का भार सहन करने का आधार बनाना चाहिए | जितना अधिक हो सके उतना शरीर को ऊँचा उठाये | आखिर में आपका शरीर कन्धो पर स्थिर टिका रहना चाहिए तथा ठोड़ी सीने से सटी होनी चाहिए | हथेलियाँ पीठ पर, कंधो के पास और कोहनियाँ तथा बाँहे भमि पर टिकी रहनी चाहिए| दोनों पैर तने हुए और सटे हुए तथा कड़े रहें | दोनों एडियाँ भी सटी रहें | पैर के अंगूठे आकाश की ओर रहे | शरीर को स्थिर बनाये रहे तथा इस स्थति में 30 सेकंड तक रहते हुए साँस लेते और छोड़ते रहे | आगे चलकर आप इस आसन को तीन मिनट तक कर सकते है |     
              
हस्त-पादांगुष्ठासन
फर्स पर लेटकर दोनों पेरो को सामने को ओर फेला दें | अब शरीर के ऊपरी भाग को उठायें तथा साँस छोड़े | फिर शरीर को धीरे धीरे आगे की ओर इतना झुकाएं कि माथा घुटनों को छूने लगे | शरीर को झुकाते समय सिर को बांहों के बीच में रखें | झुकते समय साँस को छोड़ना चाहिए तथा जब तक उठते हुए सीधे न बैठ जाएं तब तक साँस को साधना चाहिए | सीधे हो जाने पर ही साँस लेने चाहिए शुरू में इस आसन को पांच सेकंड तक ही करना चाहिए | बाद में समय बढ़ाकर दस मिनट तक क्या जा सकता है |

अर्द्ध-कुर्मासन 
पैरो को मोड़कर जमीन पर बेठ जाये | नितम्ब पैरो पर रहे तथा एडियाँ और पैर के अंगूठे मिले रहे | अब हाथो को आकाश की और सीधा तान दे तथा दोनों हथेलियों को मिलाकर नमस्कार की मुद्रा मनाये | सिर दोनों बांहों के बीच में रहे | अब साँस को खीचते हुए धीरे - धीरे कमर के उपरी भाग को एकदम सामने की ओर ली जाये तथा माथे को जमीन पर लगा दें | फिर धीरे - धीरे साँस छोड़ते हुए पहले की स्थिति में आकर बेठ जाएं | इस आसन को पांच से दस बार तक कर सकते है |

      उम्मीद करता हूँ कि यह सभी योगासन आपको डायबिटीज से मुक्ति पाने में मदद करेंगे | अगर आपका कोई सवाल या सुझाव हो तो कृपया नीचे कमेंट में लिखे और इस लेख को अपने दोस्तों को शेयर करें, धन्यवाद



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